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| प्रजातंत्र के 7वाँ दोहा मंच में
अल्पव्यायिक चुनोती और प्रेस-स्वातत्र्य के चर्चा
प्रजातंत्र, विकास और मुक्त व्यापार के वर्तमान में दोहा के रिठ्स
कार्लटन होटल में हो रहे है 7वाँ मंच के द्वितीय दिन में
अल्पव्यायिक और प्रेस-स्वातंत्र्य के कई विषयों को चर्चा किया।
अल्पव्यय के अवस्थांतर शीर्षक विषय में अमवाल के निर्देशक शेखा हनदी
बिन्त नासर् बिन खालिद अल थानी ने गल्फ क्षेत्र के मानव स्त्रोतसों
को चलनात्मक करना और प्रजातंत्र एवम अल्पव्यायिक विकास के आपसी
आश्रय के बारें में पेश किया।
अपनी भाषण में शेखा हनदी बिन्त नासर् बिन खालिद अल थानी ने कह कि
प्रजातंत्र तो अच्छे प्रशासन के पर्याय है क्यों के प्रजातंत्रिक
प्रशासन में सुरक्षा, सुस्थिरता और जनता अल्पव्यायिक और राजनैतिक
मामलाओं में हिस्सेदार बन जाते है और इस क्षेत्र सभी कार्यनीति
पारदर्शी हो जाते है।
एमारत डिप्लोमसी संस्थापन के मुख्य निर्देशक डाक्टर यूसिफ अल हस्सन
ने अवस्थांतर हुई गल्फ संपन्न राष्ट्रों के बारें में प्रभाषण की।
मंच के अन्य चर्चाओं में कई विषयों के बारें में चर्चा की जिसमें
प्रेस के स्वातंत्र्य भी शामिल थे।
कत्तर राज्य के एमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी और महामहिन
शेखा मौज़ा नासर अल मिस्नद ने प्रायोजक किए प्रजातंत्र, विकास और
मुक्त व्यापार के 7वाँ मंच दोहा रिट्स कार्लेटन होटल में आज आरम्भ
हुई।
इस मंच के उदघाटन में कत्तर राज्य के प्रधानमंत्रि एवम
विदेशकार्यमंत्रि माननीय शेख हमद बिन जासेम बिन जाबर् अल थानी
उपस्थित रहे थे।
उदघाटन के अवसर पर कई माननीय शेखों, मंत्रियों, शूरा समिति के
अध्यक्ष, दोहा में उपस्थित कई राष्ट्रों के राजदूतों, वरिष्ट
अधिकारियों, मेहमानों और व्यापारियों उपस्थित रहे थे।
मंच को अभिसंबोधन करते हुए किए प्रभाषण में महामहिम ने सभी सदस्यों
को स्वागत किया। उन्होंने कह कि इस मंच के आरम्भ के प्रथम सभा से
वर्तमान तक काफी समय बीत चुके है और इस मंच के संक्रियताओं के
प्रगती को अब अवलोकन कर सकते है।
कत्तर के एमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने अपने प्रभाषण
में प्रजातंत्र को जिक्र करते हुए कहा कि कुछ वर्षों से क्षेत्र
में प्रजातंत्र को परिपालन करने के तत्परता बढ चुकी है। उन्होंने
कहा कि क्षेत्र ने प्रजातंत्र परिपालन करने में बहुत समय नष्ट किया
है और इसिलिए इस प्रक्रिया के रफतार को तेज करना है।
उन्होंने कहा कि लेकिन अभी तक प्रजातंत्र के रफतार में संतृप्त नही
है। कहते है कि क्षेत्र के परिस्थिति सुधराव प्रक्रिया के लिए
अनुकूलन नही है। उन्होंने कहाकि क्षेत्र के स्थिति नाजुक और
उलझनदार है।
महामहिम एमीर ने कहा कि प्रजातंत्र के प्रक्रिया को लागू करने के
लिए यह सब कारण सही नही है। उन्होंन कहा कि इस क्षेत्र में पहले भी
कई कार्ण कहकर सुधराव प्रक्रिया के परिपालन नही किए थे। लेकिन जब
क्षेत्र में इस वजह से संघर्ष बढ गए। इसिलिए, महामहिम एमीर ने कहा
कि पहले के गलती फिर दोहराना नही चाहिए।
महामहिम एमीर ने कहा कि प्रजातंत्र और सुधरव प्रकिरिया के परिपालन
के लिए विश्व के विविध कोने से आ रहे तनाव को डालना नही चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता के स्वातंत्र, उनके प्रवल जीवन के लिए ज़रूरी
राजनेतिक अवकाश और प्रशासन में भागलेने के उनके अवकाशों को परिपालन
करना चाहिए।
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