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अमेरिकी-इस्लामी विश्व मंच समाप्त हुई
शनिवार,
17 फरवरी से दोहा में चल रहे यू.एस. इस्लामी मंच आज 19 फरवरी को समाप्त
हुई।
इस तीन-दिवस्सीय मंच को
कत्तर राज्य के विदेशकार्य मंत्रालय के सम्मेलन संघटित करने के स्थिर
समिति और सबान केंद्र ने संघटित किया है।
भागीदारों ने मध्यपूर्व
देश में सुरक्षा और शांती परिपालन करने के लिए यू.एस और इस्लामी विश्व
के रिश्ते को मेल-मिलाप करने के एक प्रदान घटक कहा है।
कल दोहा में आरम्भ हुई
यू.एस. इस्लामी विश्व मंच में आज रविवार अमेरिका और इस्लामी जगत संबंधि
कई विषयों के बारें में चर्चा की।
प्रथम सभा में भागीदारों
ने कहा कि वर्तमान के संघर्षों को जिक्र करने के लिए उपयोग कर रहे नाम
और विवरण के शब्दावली सार्वजनिक कुटिल नीति के लिए ज़रूरी है लेकिन इन
शब्दावली अमेरिकी और इस्लामी रिश्ते को सुधारने लायक होना चाहिए।
इराक के बारें में हुई
द्वितीय सभा में इराक में अमेरिका के उपस्थिति को इस मामले के रोकावट
और हल कहा गया है। यह कहा गया कि अमेरिका के तुरंत लौटाव से इराक में
गडबडी होंगे। सभा में कहा गया कि लम्ब कालीन उत्तरायित्वों को
लोकतंत्रिक प्रक्रिया से चुने हुए पार्लियामेन्ट पर सोंपना चाहिए। यह
भी कहा है कि इराक में परिपालन कर रहे नीति को अमेरिका और इराकी सरकार
को राजनीतिक औचित्य के पालन करना है।
इतने में अगले पीढी,
नए माध्यम,
अल्पव्याय,
सामाजिक परिवर्तनों के बारें हुई चर्चा में भागीदारों ने इस्लामी जगत
के यूवकों,
नौकरी,
आरोग्य और शिक्षा के
बारें में विचार-विमर्श किया।
भागीदारों ने कहा कि
वर्तमान के पीढी ने सूचना और अपने राय प्रकट करने के लिए इन्टरनेट और
ब्लोग्स जैसे नए माध्यमों के इस्तमाल करते है।
युवकों के नौकरी के बारें
में भागीदारों ने कहा कि मालिक और नौकरी अन्वेषण करनेवालों में संचारण
के विकास होना चाहिए।
अमेरिकी-इस्लामी
विश्व मंच के चौथा दोहा मंच शनिवार,
17 फरवरी 2007 को
रिट्स कार्लटन में आरम्भ हुई। हमें क्या अलग करते है शीर्षक इस
मंच को कत्तर राज्य के विदेश मंत्रालय और अमेरिका के ब्रूकिंगस
संस्थापन के मध्यपूर्व देश नीति के सबान केंद्र ने संयुक्त संघटित किए
है।
कत्तर राज्य के प्रथम
उपप्रधान मंत्रि एवम विदेख कार्य मंत्रि माननीय शेख हमद बिन जासेम बिन
जाबर् अल थानी ने उस तीन-दिवस्सीय मंच को अभिंबोधन करते हुए जोर किया
कि इस मंच में अमेरिका और इस्लामी जगत को अलग कर रहे विषयों के बारे
में चर्चा करेंगे।
पीछले साल में हुई मंच
में क्षेत्र के स्थित और पाँच वर्ष के बाद क्षेत्र के स्थित के
दृष्टिकोन के बारें में चर्चा हुए थे। कत्तर के प्रथम उपप्रधान मंत्रि
ने कहा कि इस विषय के दुर्बल और पराजयों आगर सच्चा और कठिन प्रयत्न नही
करेगा तो वैसे ही रहेगा।
सभ्यताओं के टक्कर तत्व
को माननीय उपप्रधान मंत्रि एवम विदेख कार्य मंत्रि शेख हमद बिन जासेम
बिन जाबर् अल थानी ने अस्वीकार करते हुए कहा कि उस तत्व के निर्दिष्ट
राजनीतिक कार्यक्रम के भाग है। उन्होंने कहा कि सभ्यताओं के आपसी संवाद
बहत जंरूरी है।
माननीय प्रथम उपप्रधान
मंत्रि ने पिछले मंच में उठाए इस्लामी जगत और अमेरिका के बारें में किए
सवालों को पुनरअवलोकन करते हुए कहा कि आपसी जानकारी,
सच्चा संवोदों और सलाहों
के नीति से इस विषय में कुछ हल हो सकते है।
अपने प्रभाण में माननीय
प्रथम उप प्रधान मंत्रि एवम विदेशकार्य मंत्रि ने कहा कि इस क्षेत्र
में पिछले साल संघर्ष काफी बढ चुके थे। उन्होंने कहा कि इस के अलावा
नया संघर्ष भी पैदा हुआ और जो पहले से चल रहे संघर्षों के व्याप्ति भी
बढ च,की।
सभ्यताओं के टक्कर के
तत्व के खिलाफ हुई विमर्शनों को जिक्र करते हुए माननीय प्रथम उपप्रधान
मंत्रि ने कहा कि विमर्शकों के कहना है किपश्चिम के आधुनिक सभ्यताओं के
लिए इस्लामी सभ्यता बहुक खतरनाक है।
माननीय शेख हमद बिन जासेम
बिन जाबर् अल थानी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समूह शांतिपूर्ण
सह-अस्तित्व के प्राधान्य के बारें में जानकारी है। उन्होंने कहा कि
विश्व के राष्ट्रों और समाजों को इस जानकारी जवाब दे सकते है।
पिछले वर्ष के मंच में
इस्लामी जगत और अमेरिका के आपसी रिश्ते प्रबल करने के लिए पूछे
संक्रियता के बारें में जिकर करते हुए माननीय उपप्रधान मंत्रि ने कहा
कि एसे रिश्ते संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र,
अंतर्राष्ट्रीय
नियम,
मानव अवकाश के बारें में
हुई अंतर्राष्ट्रीय और अन्य मानव अवकाश सम्मेलनों को घोषणा जिसमें
राजनीतिक,
संस्कृतिक,
धार्मिक,
सामाजिक और
अल्पव्यायिक अवकाशों को बारें में हुई सम्मेलनों के घोषणाओं पर आधार
होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनेकत्व
और आपसी सम्मान को तत्वों पर आधार अंतर्राष्ट्रीय रिश्ते होना चाहिए।
माननीय उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि इस तरह शक्ति के नहीं बल्कि नियमों
के आधिपत्य प्रचलित होना है।
अमेरिका और इस्लामी जगत
के आपसी रिश्ते के बारें में उन्होंने कहा कि यथार्थता को स्वीकार करने
के लिए इस विषय के बारें में इस्लामी जगत के सार्वजनिक राय को स्वीकार
करना है। माननीय शेख हमद बिन जासम बिन जाबर् अल थानी ने कहा कि
मध्यपूर्व देश और फलस्तीन के मामलाओं के हल होना ज़रूरी है।
इस रिश्ते को सुगम करने
के लिए माननीय उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि सबसे प्रधान ललकार फलस्तीन
मुद्दे है। इस मामला दोनों पक्षों के आपसी रिश्ते को अविश्वास के रूप
देते है। इसके अलाावा इराक के संघर्ष अरब जगत के लिए एक धमकी पैदा किया
है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी
और इस्लामी समाजों के आपसी परिचय के लिए अभिज्ञता कार्यक्रमों संघित
करना है। उन्होंने कहा कि इससे आपसी सम्मान हो जाएंगे।
कत्तर राज्य के प्रथम
उपप्रधान मंत्रि एवम विदेख कार्य मंत्रि माननीय शेख हमद बिन जासेम बिन
जाबर् अल थानी ने कहा कि प्रत्येक समाजों के वैशिष्टको ध्यान में लेते
हुए राजनीतिक सुधराव और लोकतंत्र परिपालन करने के नीती को लागू करना
है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को कानून के निमों के अनुसार उनके
कार्य को प्रशासनिक तौर पर हिस्सदार बनने के मौका मिलना चाहिए।
माननीय शेख हमद बिन जासेम
बिन जाबर अल थानी ने कहा कि सिर्फ राजनीतिक सुधराव काफी नहा है बल्कि
साथ साथ सच्चा अल्पव्यायिक विकास भी होना ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि गरीबी और
बेरोजगारी के बढावा अन्याय और नैराश्य पैदा करते है और इस विचार संघर्ष
को जनम देते है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा
क्षेत्र के विकास बहुत ज़रूरी है जो समाज को स्वीर भी होने के लायक हो।
माननीय उपप्रधान मंत्रि
ने कहा कि राज्य के युवकों भविष्य के परंपरा है और उनके मामलाओं को
सुलझना चाहिए।
अरब लीग के महा सचीव आमर
मूसा ने इस मंच में प्रभाषण किया। उन्होंने कहा कि इसमंच के मेज़बानी
करने रक दोहा एक अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय केंद्र बन गया है।
अमेरिकी और इस्लामी जगत के रिश्ते संबंधी कई विषयों को बारें में
उव्होंने प्रभाषण किया। |